o यह भी क्या कोई लिखने की बात है।
o आत्म निवेदन
o प्रतीक्षा
o सूरज है सिन्दूरी
o पिया और पपीहा
o उलझन
o उदासीनता
o हरीश गुरु
o आदि गुरु
o मेरा संगीत का सफ़र
o किताबें ही किताबें
o छपने छपाने की बात
o मैं बोलता क्या हूँ?
o सठिया जाने का मामला
o जादूगर गुरु
o मदारी दरवाज़े की बात
o कुछ कहने न कहने की बातें ।
o समझता तो हूँ पर कहता नहीं हूँ
o मै खाता क्या हूँ
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लेख कविताऐं



पिया और पपीहा

चढ़ी अटारी बाट निहारी, मन्नत माँगी भेजी पतिया।
गिन गिन काटे दिन सावन के, थका पपीहा रट रट पिया।

सूना आँगन सूनी बगिया, फीकी मेंहदी रोता दिया,
याद पिया की पल पल आये, ठहरा जाये हर पल जिया।

धुँधला दर्पण भीगा आँचल, तन मन आतुर बेकल हिया,
आँखें हर पल भर भर आयें, आंख परे मनमोहक पिया।



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