o यह भी क्या कोई लिखने की बात है।
o आत्म निवेदन
o प्रतीक्षा
o सूरज है सिन्दूरी
o पिया और पपीहा
o उलझन
o उदासीनता
o हरीश गुरु
o आदि गुरु
o मेरा संगीत का सफ़र
o किताबें ही किताबें
o छपने छपाने की बात
o मैं बोलता क्या हूँ?
o सठिया जाने का मामला
o जादूगर गुरु
o मदारी दरवाज़े की बात
o कुछ कहने न कहने की बातें ।
o समझता तो हूँ पर कहता नहीं हूँ
o मै खाता क्या हूँ
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लेख कविताऐं



उदासीनता

शोर शब्दों का समझ पाया नहीं,
भाषणों का अर्थ मन भाया नहीं,
नींद मेरी और गहरी हो गयी,
झर गये मेरे नयन के सब सपन।

बात उससे की तो वह समझा नहीं,
अपनी कहता था मेरी सुनता नहीं,
कहने सुनने की रही अब बात क्या,
अब न साजन है कोई न मैं सजन।

क्षत विक्षत है सत्य तर्कों घिरा,
शास्त्रार्थों से थकी जिव्ह्या मेरी,
प्रशन मन में और अब उठते नहीं,
उत्तरों से भर गया मेरा गगन।



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